कविता-समय

कहे

और

अनकहे का

अन्तर जिस समय होता है

जो भी होता है

जहाँ कहीं भी होता है -

क्या कभी

इतना स्पष्ट होता है

कि

उकेर सकें उसे

हम

अक्षरों,

शब्दों,

पन्नों,

या फिर

पुस्तकों में?

जतला पाना भी

इस अन्तर को

हो नहीं पाता|

कहीं यही

कविता के जन्म का

समय तो नहीं?

7s टिप्पणियाँ

  1. SHUAIB said,

    जुलाई 29, 2006 at 4:46 अपराह्न

    बहुत खूब – जमे रहो

  2. जुलाई 30, 2006 at 2:41 पूर्वाह्न

    कहे और अनकहे का अंतर कैसे निकाला जायेगा? दोनों के मात्रक अलग होंगे।

  3. जुलाई 30, 2006 at 11:11 पूर्वाह्न

    बहुत खूब भई,
    कविता के जन्म की क्या खूब विवेचना की है , आपने ।बधाई ।

  4. दीपक said,

    जुलाई 30, 2006 at 3:07 अपराह्न

    शुक्ला जी,

    कहे और अनकहे के अन्तर से मेरा मतलब उनके गणितीय अन्तर से नहीं है|

    मेरा तात्पर्य उस स्थिति से है जब कहे और अनकहे के बीच हम होते हैं और विचार कविता का रूप धारण कर लेता है|

  5. sanyukta said,

    जुलाई 30, 2006 at 4:52 अपराह्न

    दीपक, मैं तुम्हारे विचारों का समर्थन करती हूँ| जो काव्यिक गुणों के अधिकारी हैं, कहे और अनकहे विचार उनके कलम से कविता बन कर निकलते हैं| और जिनके पास यह गुण नहीं , हम कहे और अनकहे का अन्तर ढूंढते रहते हैं| लार्ड ब्रायन ने कहा है – जो सुना है यानी जो कहा गया है, वह मधुर है, पर जो नहीं कहा या सुना गया है , वह उससे भी मधुर है|

  6. meerabai said,

    अगस्त 1, 2006 at 12:22 अपराह्न

    संयुक्ता जी आप जिन के बारे में लिख रही हैं, वे अनूप शुक्ला हिन्दी के बहुत बड़े विद्वान और हैं। साहित्यकार कन्हैया लाल नन्दन जी उनके मामाजी है, और उनकी विद्वता विरासत में पायी है।

    सागर चन्द नाहर

  7. दीपक said,

    अगस्त 2, 2006 at 6:38 पूर्वाह्न

    मेरे विचार में संयुक्ता जी ने एक सामान्य सी बात की थी, उन्होनें किसी के बारे में कुछ नहीं कहा| और अनूप जी ने भी ऐसा कोई गलत सवाल तो पूछा नहीं था, जिसके लिए वो कुछ ऐसा कहती| सागर चन्द जी, आपने बात का रूख बेवजह दूसरी ओर कर दिया|

    फिर भी, अगर कोई कुछ कहे भी , तब भी मैं नहीं समझता कि किसी के परिचय की कोई दरकार है| आशा है, बात यहीं समाप्त हो जाएगी|


Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.